संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख ने किर्गिज़-ताजिक सीमावर्ती संधि की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की
संयुक्त राष्ट्र, 13 मार्च 2025 – संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने आज किर्गिस्तान और ताजिकिस्तान के बीच सीमांकन संधि के सफल समापन पर गहरी प्रसन्नता व्यक्त की। यह ऐतिहासिक समझौता, जो दशकों से चले आ रहे सीमा विवाद को समाप्त करता है, दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने और मध्य एशियाई क्षेत्र में स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता ने जारी बयान में कहा कि महासचिव ने किर्गिस्तान और ताजिकिस्तान के राष्ट्रपतियों, सरकारों और नागरिकों को उनके राजनीतिक साहस, प्रतिबद्धता और सहयोग की भावना के लिए बधाई दी है, जिसके परिणामस्वरूप यह ऐतिहासिक समझौता संभव हो पाया है।
पृष्ठभूमि:
किर्गिस्तान और ताजिकिस्तान के बीच 970 किलोमीटर लंबी सीमा रेखा का एक बड़ा हिस्सा विवादित था, जिसके कारण अक्सर स्थानीय समुदायों के बीच झड़पें और दोनों देशों के बीच तनाव होता रहता था। सीमांकन की प्रक्रिया जटिल थी और इसमें वर्षों की गहन बातचीत शामिल थी।
समझौते की मुख्य विशेषताएं:
हालांकि संधि के विवरण सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं कराए गए हैं, लेकिन सूत्रों के अनुसार, यह समझौता निम्नलिखित प्रमुख पहलुओं पर केंद्रित है:
- सीमा रेखा का सीमांकन: संधि में सीमा रेखा के स्पष्ट सीमांकन की रूपरेखा दी गई है, जिससे विवादित क्षेत्रों की पहचान और समाधान किया जा सकेगा।
- पानी और संसाधनों का साझा उपयोग: यह समझौता पानी और अन्य प्राकृतिक संसाधनों के साझा उपयोग से संबंधित मुद्दों को संबोधित करता है, यह सुनिश्चित करता है कि दोनों देशों के नागरिकों को समान रूप से लाभ हो।
- सीमावर्ती समुदायों का विकास: संधि में सीमावर्ती समुदायों के सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के उपाय शामिल हैं, जिससे इन क्षेत्रों में स्थिरता और समृद्धि सुनिश्चित हो सके।
- सीमा सुरक्षा सहयोग: यह समझौता सीमा सुरक्षा और अपराध से निपटने के लिए दोनों देशों के बीच सहयोग को मजबूत करता है।
संयुक्त राष्ट्र की भूमिका:
संयुक्त राष्ट्र ने इस प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिसके माध्यम से संवाद को बढ़ावा दिया गया, तकनीकी सहायता प्रदान की गई और दोनों देशों के बीच विश्वास निर्माण किया गया। संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत ने वार्ता में सक्रिय रूप से भाग लिया और एक तटस्थ मंच प्रदान किया जहां दोनों पक्ष आपसी सहमति तक पहुंचने के लिए खुले तौर पर चर्चा कर सकते थे।
प्रतिक्रियाएं:
- किर्गिस्तान: किर्गिज़ सरकार ने इस समझौते को एक ऐतिहासिक क्षण बताया है और दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक शांति और सहयोग की उम्मीद जताई है।
- ताजिकिस्तान: ताजिक सरकार ने भी इस समझौते का स्वागत किया है और कहा है कि यह दोनों देशों के नागरिकों के लिए बेहतर भविष्य का मार्ग प्रशस्त करेगा।
- क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय: इस समझौते को क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से व्यापक समर्थन मिला है। कई देशों और संगठनों ने इस सफलता की सराहना की है और किर्गिस्तान और ताजिकिस्तान को उनके प्रयासों के लिए बधाई दी है।
आगे की राह:
संधि के सफल समापन के बाद, अब दोनों देशों को इसे लागू करने और सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थिरता और समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम करने की आवश्यकता है। संयुक्त राष्ट्र इन प्रयासों में सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
महासचिव का संदेश:
अपने बयान में, महासचिव ने अन्य देशों को इस उदाहरण से प्रेरणा लेने का आग्रह किया और कहा कि “यह समझौता दिखाता है कि दृढ़ संकल्प, संवाद और सहयोग के माध्यम से सबसे कठिन विवादों को भी हल किया जा सकता है। यह एक शक्तिशाली संदेश है जो दुनिया भर के अन्य संघर्षों को हल करने में मदद कर सकता है।”
यह समझौता मध्य एशियाई क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सहयोग को बढ़ावा देने में एक महत्वपूर्ण योगदान देगा।
संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख किर्गिज़-ताजिक सीमावर्ती संधि सफलता
एआई ने समाचार प्रस्तुत किया।
Google Gemini से उत्तर प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित प्रश्न का उपयोग किया गया था:
2025-03-13 12:00 पर, ‘संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख किर्गिज़-ताजिक सीमावर्ती संधि सफलता’ Asia Pacific के अनुसार प्रकाशित किया गया था। कृपया इससे संबंधित जानकारी के साथ एक विस्तृत लेख लिखें।
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